30 जून 2018

फतेहपुर Live : अभी तक न शुरू हो पाया केंद्रीय विद्यालय का संचालन, जुलाई से दिया जा रहा था संचालन का आश्वासन

फतेहपुर Live :  अभी तक न शुरू हो पाया केंद्रीय विद्यालय का संचालन, जुलाई से दिया जा रहा था संचालन का आश्वासन ।


23 मार्च 2018

फतेहपुर Live : जुलाई से चालू हो सकता है केंद्रीय विद्यालय,  जनपद और राज्य स्तर से सभी औपचारिकताएं और सुविधाएं पूरी

फतेहपुर Live : जुलाई से चालू हो सकता है केंद्रीय विद्यालय,  जनपद और राज्य स्तर से सभी औपचारिकताएं और सुविधाएं पूरी।


12 मार्च 2018

फतेहपुर : जनपद में मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार से मिली मंजूरी, बंद कताई मिल की जगह हुई प्रस्तावित

फतेहपुर : जिले में खुलने वाले मेडिकल कॉलेज के प्रकरण में शनिवार की देररात केंद्र सरकार की संस्तुति की मुहर लग गई है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा डीएम से मेडिकल कॉलेज खोले जाने के मानकों को पूरा करने का सत्यापन पत्र डीएम से मांगा गया था। डीएम का पत्र केंद्रीय सरकार के स्वास्थ्य मंत्रलय पहुंचा तो उस पर संस्तुति की मुहर लग गई।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बनाए गए प्रस्ताव को दी हरी झंडी

■ जिले की सांसद ने कहा, डीएम को भेजा जा रहा संस्तुति पत्र


जिले को मिले तोहफे पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम के सामने भेज दी है। देश के 115 जिलों में शामिल होने के बाद जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की कवायद चल रही थी। मेडिकल कॉलेज खोले जाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार के माध्यम से डीएम की रिपोर्ट मांगी थी। फरवरी माह में डीएम ने आए पत्र के सापेक्ष मानकों को खंगालते हुए रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें जगह आवंटन, जिले की आबादी सहित 9 बिंदुओं की रिपोर्ट जिला प्रशासन से मंगाई गई थी। जिस पर केंद्र सरकार ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।




जिले की सांसद और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रिपोर्ट को फाइनल कर दिया है। पीएम मोदी के सपने के मुताबिक अब पिछड़े जनपद में मेडिकल कॉलेज खुलेगा। कॉलेज खुलने की अब सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं।


■ कताई मिल की जगह प्रस्तावित : मेडिकल कालेज के लिए अल्लीपुर स्थिति कताई मिल की जमीन प्रस्तावित की गई है। मानक के अनुसार मेडिकल कालेज के लिए शहर के आसपास व मुख्य मार्ग से जुड़ी जगह अनिवार्य की गई थी। एक दशक से घाटे कताई मिल में ताला लगा हुआ है। निगम के माध्यम से जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही मेडिकल कॉलेज को जगह आवंटित होगी।



■ सौगात दिलाने पर सांसद का होगा स्वागत : भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेयी ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने तीन साल के कार्यकाल में इतना दे दिया है कि आजादी के बाद से अब तक नहीं मिला। कहा कि केंद्रीय विद्यालय, रेलवे पार्क, अमृत योजना व मेडिकल कॉलेज की सौगात दिलाकर पिछड़े जनपद को विकास की राह दिखाई है। ~ केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति


11 मार्च 2018

11 करोड़ से ‘अमृत’ बुझाएगी फतेहपुर जनपद की प्यास, पिछड़े इलाकों में पांच नलकूप और ओवरहेडटैंक स्थापित करने का हुआ फैसला

फतेहपुर : शहरी क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई अमृत योजना सदर पालिका के वरदान साबित होने लगी है। योजना से मिलने वाले 11 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल से असंतृप्त इलाकों को पेयजल मुहैया हो सकेगा।


पहली बार होगा कि किसी योजना का शत प्रतिशत लाभ शहर के पिछड़े इलाकों को दिया जा रहा है। तीन लाख की आबादी वाले शहर में पालिका से जुड़े एक दर्जन मजरे व गांव ऐसे है जहां अभी तक टंकी से आपूर्ति नहीं हो रही है। हैंडपंप लगाकर इन इलाकों की प्यास बुझाई जा रही है। अमृत योजना में शहर के पिछड़े इलाके को पेयजल से संतृप्त करने के लिए ग्यारह करोड़ की धनराशि खर्च की जानी है।


पेयजल लाइन भी योजना में शामिल : पूर्व की योजनाओं की बात करें तो पहले ओवरहेड टैंक और नलकूप की स्थापना के लिए अलग से धन मिलता था जबकि पेयजल लाइन विस्तारीकरण के लिए अलग से धन आवंटित होता रहा है। अमृत योजना में केंद्र सरकार ने बदलाव किया है। योजना के तहत नलकूप और ओवरहेड टैंक स्थापित करने के बाद लाभान्वित वाले क्षेत्र के अंतिम छोर तक पेयजल लाइन को पहुंचाया जाना भी जिम्मेदारी में शामिल किया गया है। जिम्मेदार बताते हैं कि इसके पीछे मंशा यह है कि कहीं ऐसा न हो कि नलकूप और ओवरहेड टैंक बनने के बाद पेयजल लाइन न होने की दशा में लोगों को लाभ न मिल पाए।


सदर पालिका के बीबीपुर, मऊ, मिट्ठनपुर, शेखपुर उनवा और माहपुर में अमृत योजना का 11 करोड़ रुपया पेयजल में खर्च किए जाने को हरी झंडी शासन ने दे दी है। शासन से आवंटित हुए धन से 5 ओवरहेड टैंक और पांच नलकूप लगाए जाएंगे। दो साल के अंदर पहली दफा अमृत योजना की बड़ी रकम सदर पालिका को मिली है। सदर पालिका द्वारा दो साल पहले पेयजल से असंतृप्त इलाकों की सूची बनाकर शासन को भेजी गई थी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में धन आवंटित होने से पानी के लिए तरस रहे इलाकों में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ होगी। अधिशासी अधिकारी रश्मि भारती ने बताया कि योजना के डीपीआर में फाइनल मुहर लग गई है। ओवरहेड टैंक और नलकूपों के लग जाने से जिन इलाकों में अभी तक पेयजल की सुविधा नहीं थी वहां पर पानी मिलेगा।