27/09/2016

आखिर बसपा विधायक अयोध्या पाल सपा में हुए शामिल

☀  फतेहपुर की अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र के बसपा विधायक अयोध्या प्रसाद पाल सोमवार को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

FatehpurLive.com , फतेहपुर । लोकयुक्त की जांच में जमीनों पर कब्जे और भ्रष्टाचार के दोषी ठहराये गए फतेहपुर की अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र के बसपा विधायक अयोध्या प्रसाद पाल सोमवार को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। सपा उन्हें प्रत्याशी बना सकती है। अयोध्या पाल ने कालिदास मार्ग स्थित आवास पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और सपा में शामिल होने की ख्वाहिश जताई। मुख्यमंत्री ने सपा में शामिल करने की झंडी दे दी है। पाल ने समाजवादी पार्टी को मजबूती प्रदान करने का वादा किया है।




ध्यान रहे चार बार के विधायक अयोध्या पाल वर्ष 2007 की बसपा सरकार में मंत्री थे, इस दौरान उन पर मोहनलालगंज समेत कई स्थानों पर जमीनों पर कब्जा करने का इल्जाम लगा था। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त के यहां शिकायत दाखिल की गयी थी। जांच में दोषी पाया गया था। सूत्रों का कहना है कि बावजूद इसके बसपा ने उन्हें फिर से पहले प्रत्याशी घोषित किया था, मगर गत दिनों टिकट काट दिया था।

25/09/2016

डायट में बीटीसी प्रवेश की प्रक्रिया में आवेदकों द्वारा लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोप की जांच को पहुंचे एसडीएम

FatehpurLive.com , फतेहपुर : बीटीसी प्रवेश 2015 की प्रक्रिया में आवेदकों द्वारा लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोपों की जांच एसडीएम सिटी अभिनव रंजन श्रीवास्तव और एसडीएम वरुण पाण्डेय ने की। दो सदस्यीय टीम रविवार की सुबह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पहुंचे। डायट प्रशासन से आवश्यक दस्तावेजों को तलब किया। घंटों अभिलेखों से आरोपों की मिलान करते रहे।


बताते चलें कि डायट में बीटीसी प्रशिक्षण के लिए 200 और 15 निजी कॉलेजों में प्रशिक्षण के लिए 800 आवेदकों की फाइनल सूची जारी की गई है। इसके पूर्व अनंतिम सूची जारी की गई थी, जिसमें दर्ज मेरिट फाइनल सूची में बढ़ गई है। 


आवेदकों का आरोप है कि इसके पीछे डायट ने सोची समझी रणनीति के तहत काम किया है, जिससे आवेदकों का नुकसान हुआ है। मूल अभिलेख और डिमांड ड्राफ्ट जमा होने के चलते यह आवेदक गैर जनपदों में काउंसि¨लग में प्रतिभाग नहीं कर पाए। एसडीएम सिटी ने बताया कि वह जांच के बारे में कुछ नहीं कहेंगे। जांच में जो रिपोर्ट तैयार होगी, वह डीएम के समक्ष रखेंगे।

हाईटेक होगा फतेहपुर में आने वाला चुनाव  : मतदान केंद्र की सुविधाएं बताएगा मोबाइल एप, प्रशिक्षण लेंगे जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट 

FatehpurLive.com , फतेहपुर : विधान सभा चुनाव 2017 तकनीक के मामले में पूरी तरह से हाईटेक होगा। इसकी शुरुआत भारत निर्वाचन आयोग ने कर दी है। आयोग ने बूथों की सुविधाएं बताने वाला मोबाइल एप लांच किया है। जिसकी गाइड लाइन जिलों को भेजी गयी है। मोबाइल एप हर बूथ पर मूलभूत सुविधाएं को न सिर्फ जिले स्तर पर बल्कि आयोग के अफसरों तक को बताएगा। आयोग ने इस एप का उपयोग केवल चुनाव के लिए किया है।



 एप के जरिए दिल्ली व लखनऊ में बैठे अफसर किसी भी बूथ की स्थिति को मोबाइल एप के जरिए देख सकेंगे। एप में यदि किसी दूसरी जगह की फोटो डाली भी गयी तो उसे मोबाइल एप पकड़ लेगा। दरअसल एप में बूथ पर पहुंचने से लेकर फोटो खींच कर अपलोड करने तक की जानकारी रहेगी। बूथ का नक्शा और लोकेशन पहले से ही गूगल मैप पर दर्ज होगी, जो फोटो अपलोडिंग के दौरान बूथ की दूरी व फोटो की सही स्थिति के बारे में बता देगा। बुधवार को जिला सूचना विज्ञान कार्यालय में कर्मचारियों ने मोबाइल एप के बारे में गुर सीखे। 



मोबाइल एप में यह रहेगा : मोबाइल एप में बूथ में शौचालय, टेलीफोन, बिजली, रैंप, फर्नीचर, टीनछाया की जानकारी रहेगी। 


इस तरह करेगा काम : फोन में जीपीएफ सुविधा खोलकर इंटरनेट कनेक्शन के साथ एएमए नामक मोबाइल एप को इंस्टॉल किया जाएगा। डाउनलोड होते ही यह एप यूजर नेम व पासवर्ड मांगेगा। एक बार पासवर्ड डालने पर इसमें प्रदेश के सभी जिले प्रदर्शित होगे। अपने जिले में जाकर अपनी विधान सभा के अंदर जाने पर बूथ प्रदर्शित होगे। 




इस बार चुनाव आयोग ने व्यवस्थाओं को और हाईटेक बनाया है। बूथों की सुविधाओं के लिए एएमए मोबाइल एप बनाया गया है। जिसे सेक्टर व जोनल अफसर को दिया जाएगा। वह लोग अपने क्षेत्र के बूथ बूथ जाकर सुविधाओं का अपडेट एप में लांच करेगे। जिले स्तर पर इसे चुनाव से जुडे अधिकारी व राज्य व भारत निर्वाचन आयोग इसे सीधे देख सकेगा। - आरए गौतम, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी

24/09/2016

डायल 100 की तैयारी में फतेहपुर पूरे जोन में अव्वल, 36 हजार से अधिक स्थान एप में हुए दर्ज

☀ बताए स्थान पर पहुंचने के लिए जल्द होगा प्रशिक्षण 

☀ 20 थानों के 36 हजार से अधिक स्थान एप में हुए दर्ज

FatehpurLive.com , फतेहपुर  : समस्या की जद में आने और पुलिस की मदद की दरकार में अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। पुलिस महकमे ने डायल 100 का आधुनिकीकरण कर दिया है। इस योजना के तहत एक एप बनाया गया है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ से संचालित होने वाली यह व्यवस्था जल्द से जल्द धरातल पर दिखेगी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थानेवार प्वाइंट एप में लोड किए जा रहे हैं। जिले के प्रमुख 36 हजार प्वाइंट चिह्न्ति कर जिला जोन में अव्वल है। 


पुलिस का मानना है कि चिह्न्ति स्थलों के आधार पर जिले के हर कोने में पहुंचा जा सकता है। जनपद के 20 थानों में जल्द ही डायल 100, एनी टाइम-एनी ह्वेयर (किसी भी समय-कहीं भी) योजना लांच होने जा रही है। इस योजना के तहत आधुनिक सेवाओं से लैश एप लांच किया जा चुका है। जिसमें थानेवार नक्शे में लालरंग से प्वाइंट दर्ज किए जा रहे हैं। इन प्वाइंट के सहारे सूचना मिलते ही पुलिस पलक झपकते ही पहुंचेगी।हाईटेक प्रणाली से पुलिसिंग को दुरुस्त किए जाने की मंशा है। 




☀ एक क्लिक पर पहुंचेगी पुलिस

अपराध नियंत्रण की टीम जैसे ही इंटरनेट आधारित व्यवस्था में घटनास्थल क्लिक करेगी, उसके सामने रूटचार्ट आ जाएगा। वाहन को चलाते समय यह रूटचार्ट चालक को बताएगा कि दाएं-बाएं किधर चलना है। इंटरनेट आधारित व्यवस्था में पुलिस के हरकत में आने की निगरानी लखनऊ में खोले जा रहे कंट्रोल रूम को बिना बताए पल पल की जानकारी मिलती रहेगी। 


☀ 42 वाहन चौबीस घंटे करेंगे चहलकदमी

अपराध रोकने और लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए लांच की जा रही योजना में जिले को शासन से 42 वाहन मिलेंगे। यह वाहन अपने निर्धारित रूट पर भ्रमण करते रहेंगे। जिसमें बैंक, एटीएम, बालिका स्कूल, कचहरी, मुख्य बाजार में इनका भ्रमण होता रहेगा। 


जैसे ही घटना की जानकारी होती है यह घटनास्थल की ओर रवाना हो जाएंगे। व्यवस्था है कि सबसे पहले घटनास्थल में नजदीकी की टीम पहुंचेगी इसके बाद दूरी के हिसाब से बारी बारी से टीमें पहुंच जाएंगी। इस योजना से थानाध्यक्षों पर पड़ रहे अतिरिक्त काम के बोझ से निजात मिलेगी तो घटना के बाद तनाव जैसी स्थितियों को फैलने से पूर्व ही प्रभावी ढंग से रोकने में सफलता मिलेगी। 


यूपी डायल 100 मिशन का उद्देश्य अपराध रोकना, घटना के बाद उस पर नियंत्रण करना है। 100 नंबर डायल करने पर पलक झपकते ही जब पुलिस पहुंचेगी तो लोगों में खोया हुआ विश्वास दोबारा जागेगा। वहीं अपराधियों के हौसले चकनाचूर होंगे। जैसे हाई-वे पर कोई घटना हो जाती है तो संपूर्ण जिले के नाकाबंदी करने में आसानी होगी। थानेवार नक्शे में प्वाइंट का चिन्हीकरण किया जा रहा है। अब तक 36000 से ज्यादा प्वाइंट चिह्न्ति हो चुके हैं। जिससे घटनास्थल बताते ही टीम को कई प्वाइंट की लोकेशन की जानकारी स्वयं हो जाएगी। - कलानिधि नैथानी, पुलिस अधीक्षक।