6 जून 2011

फतेहपुर :केंद्र सरकार की दमनात्मक नीति के खिलाफ जागा आक्रोश

 

काले धन को लेकर आंदोलनरत बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर किए गए पुलिसिया प्रहार के खिलाफ पूरे जनपद में आक्रोश की लहर दौड़ी। पूरे दिन जिला मुख्यालय सहित तहसील मुख्यालयों में कें द्र सरकार के खिलाफ लोंगों का गुस्सा भड़का हुआ दिखा।

खून जुल्मों के फसाने को बदल देता है एक इंसान जमाने को बदल देता है

... और ऐसे ही बदलाव की बयार बहा रहे बाबा रामदेव के खिलाफ शनिवार की रात की गई केंद्र सरकार की पुलिसिया कार्रवाई को लेकर भड़के लोग सड़कों पर उतर आए। लगातार बाबा के खिलाफ विषवमन कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कपिल सिब्बल के विरुद्ध आम आदमी और सियासी दलों का आक्रोश फूटा और सुबह रेलवे स्टेशन में उनका पुतला बना कर उसका अग्निदाह किया गया।

इसी तरह चौक चौराहे पर बजरंगियों दिग्विजय सिंह का पुतला आग के हवाले किया। और दोनो ही स्थानों पर इनके साथ्रा आम लोग भी खड़े दिखाई दिए। इसी क्रम में पटेल नगर चौराहे पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने केंद्र के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार करते हुए धरना प्रदर्शन किया। शाम तक लोगों के मन लावे की दहक रहे थे। लिहाजा शाम को सियासी दलों व शिक्षकों तथा अन्य लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर पटेल नगर चौराहे से पैदल मार्च निकाला। इसमें बड़े बड़ों के अलावा महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। भारत माता की जय, नहीं चलेगा भ्रष्टाचार, बंद करो अब यह व्यापार, जै हिंद, वंदे मातरम के नारे लगाते हुए आगे बढ़े। इतना ही नहीं शाम को भाजपाइयों ने नहर कालोनी में धरना देकर बाबा और अनशन कर रहे लोगों पर की पुलिस की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।

बुद्धि शुद्धि के लिए यज्

पटेल नगर स्थित हनुमान मंदिर में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट तथा पतंजलि योग पीठ के तत्वावधान में केंद्र सरकार कह बुद्धि की शुद्धि के लिए यज्ञ किया गया। इस दौरान नगर के लोगों ने इसमें भारी संख्या में भाग लिया। यज्ञ के बाद लोगों ने शांति पूर्ण तरीके से किए जा रहे सत्याग्रह के खिलाफ कार्यवाई किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। इसमें मुख्य रूप से बीपी तिवारी, अजय रस्तोगी, कमलेश कुमार, नीरजा सिंह, शशि भूषण तिवारी, आनंद विक्रम सिंह, पंकज पांडेय, सुरेंद्र गिरि आदि रहे।


24 घंटे का सत्याग्रह

बाबा रामदेव के सत्याग्रह के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरुद्ध एक और सत्याग्रह होने जा रहा है। आक्र ोशित भाजपाइयों ने कहा कि वह नहर कालोनी में 24 घंटे का धरना देंगे। रविवार की शाम से पार्टी के लोग धरने पर बैठ चुके थे। इसमें पार्टी के जिला ध्यक्ष प्रभुदत्त दीक्षित, पूर्व विधायक रक्षपाल, मनोज शुक्ल, अरविंद बाजपेई, दिनेश बाजपेई, नीलिमा चौहान, कुलदीप भदौरिया आदि पार्टीजन बैठे।


जलियावालां बाग की यादें हुईं ताजा

रविवार को नगर में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें स्वामी रामदेव के भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू किए गए आंदोलन की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वक्ताओं ने इस कृत्य को संविधान विरोधी और तानाशाही करार देते हुए कहा कि रामलीला में मैदान में पुलिसिया तांडव से जलियावालां बाग की यादें ताजा हो गई हैं।

बुदवन इंटर कालेज प्रधानाचार्य डाक्टर मोरार जी त्रिपाठी की अगुवाई में हुई बैठक में शिक्षक, साहित्यकार के अलावा भारी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे। बैठक में एक स्वर से दिल्ली स्थित रामलीला मैदान में अनशन भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन कर रहे स्वामी रामदेव और उनके अनुयायियों पर पुलिस ने बर्बता पूर्वक कार्यवाही करते हुए पूरे आंदोलन का दमन कर दिया। मोरार जी त्रिपाठी ने कहा कि जिस प्रकार भजन कीर्तन कर रहे अनशनकारियों पर पुलिस ने सोते समय लाठियां भांजी है उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। उन्होने कहा कि सरकार को यह कृत्य मंहगा पड़ेगा। बाबा के समर्थन में हजारों लोग बलिदान के लिए तैयार है। यदि सरकार ने दमन करने का दुस्साहस किया तो हर गांव, कस्बा और शहर को रामलीला मैदान बनते देर नहीं लगेगी। दमन की इस कार्यवाही ने जलियावालां बाग में अंग्रेजों द्वारा क्रांतिकारियों पर किए गए गोलीकांड की यादें ताजा कर दी है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और सरकार को देश से इस घटना के लिए माफी मांगने की मांग की। प्रधानाचार्य किशुनपुर इंटर कालेज, प्रधानाचार्य पौली इंटर कालेज, प्रधानाचार्य बुदवन इंटर कालेज सहित अन्य लोग बैठक में मौजूद रहे।

सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे बाबा के समर्थक

भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे स्वामी रामदेव और उनके सर्मथकों पर पुलिस द्वारा आंदोलन को कुचलने के लिए जिस प्रकार अत्याचार किया गया उससे आम-जनमानस आहत हुआ है। लोग अपनी संवेदानाओं को रोक नहीं पा रहें है और हर शख्स की आंखों में रोष और आक्रोश है। लोगों का मानना है कि इस घटना के दूरगामी परिणाम सरकार के लिए घातक साबित हो सकते है जिसका असर समाज पर भी पड़ेगा। आमजनमानस का मानना है कि भ्रष्टचार के खिलाफ आंदोलन की यह आंधी यही रुकने वाली नहीं है। रामलीला मैदान की घटना के बाद जो मोड़ आएगा उसमें बड़े-बड़े दिग्गजों का उखड़ना तय है। विनोद गुप्ता और सत्यभगवान ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि बाबा के समर्थक सरकार की ईंट से ईंट बजा देगें।

दिनेश सोनी, अजय रस्तोगी ने कहा कि बाबा के आंदोलन को कुचलने वाले भ्रष्टाचारी ही हो सकते है। पप्पन रस्तोगी और अतुल ने कहा कि बाबा के साथ पूरा देश खड़ा है। इस मुहिम को मुकाम तक पहुंचाने के लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े पीछे नहीं हटा जाएगा। मनीष दीक्षित ने भी आंदोलन के दमन हेतु सरकार द्वारा की गई कार्यवाही की निंदा की गई।




अमर उजाला
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पटेल नगर चौराहे पर धरना देते विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता। इंसेट में धरने पर बैठे भाजपाई।
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रेलवे स्टेशन में कपिल सिब्बल का पुतला फूंकते भाजपाई।

(समाचार साभार- अमर उजाला , फतेहपुर )

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