सीवर लाइन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सीवर लाइन लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

21 मार्च 2013

सीवर लाइन प्रोजेक्ट को शासन ने हरी झंडी दी

शहरियों को जिस बात का अर्से से इंतजार था वह घड़ी आ ही गई। तमाम झंझावतों के बाद सीवर लाइन प्रोजेक्ट को शासन ने हरी झंडी दे दी है। हाल ही में इस विशेष योजना को शासन न सिर्फ मंजूरी दी बल्कि उसके प्राक्कलन के मुताबिक खर्च होने वाली राशि में इजाफा भी किया है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष आने वाले समय में लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा। कारण कि जिस जरूरत की चाह में शहरियों ने 20 साल गुजार दिए वह उन्हें शासन से मिल गई है। वर्ष 1993 में सीवर लाइन के लिए पहली बार 58 करोड़ रुपए की योजना बनी थी। इसके बाद न जाने कितनी बार योजना का प्राक्कलन तैयार होता रहा है। हर बार जिले से बनाई गई प्राक्कलन की फाइल शासन में दबकर रह जाती रही है। वित्तीय वर्ष के अंत में यह योजना याद की जाती रही। हर पार्टी के प्रत्याशी के चुनावी एजेंडे में इस योजना का लाभ दिलाने का वादा जरूर किया जाता रहा है। वहीं जनता भी इसे पाने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाए हुए थी।

इस बार शासन को 176 करोड़ रुपये की योजना बनाकर भेजी गई थी। इसके तहत शहर में 200 किमी लाइन बिछाई जानी थी। कुछ मुख्य लाइन थी तो कुछ सर्विस लाइनें भी शामिल थीं। शहर के दक्षिण रेलवे स्टेशन से लेकर उत्तर के शांतिनगर मुहल्ले तक इस बिछाया जाना है। योजना से शहर के 30 वार्डो में रहने वाली साढ़े तीन लाख की आबादी लाभान्वित होगी।


1 फ़र॰ 2009

लंबित पड़ी सीवर लाइन परियोजना के प्रस्ताव पर सूबे की सरकार ने अपनी मुहर लगाई

अर्से से लंबित पड़ी सीवर लाइन परियोजना के प्रस्ताव पर सूबे की सरकार ने अपनी मुहर लगा दी है। यह शहर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। 163.71 करोड़ रुपए की लागत की परियोजना का निर्माण को लेकर पत्रावली केंद्र को भेजी गई है। जिसकी स्वीकृत मिलने के साथ ही परियोजना की कार्यदायी संस्था जल निगम निर्माण कार्य को अमली जामा पहनाना शुरू करेगा।

शासन से हरी झंडी मिलते ही पालिका प्रशासन ने खाका तैयार करना शुरू कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष अजय अवस्थी ने परियोजना प्रस्ताव स्वीकृत होने की पुष्टि की है। बताया कि मंगलवार को इस बाबत विस्तार से चर्चा की जाएगी।करीब डेढ़ दशक पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के कार्यकाल में पालिका प्रशासन ने सीवर लाइन परियोजना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। जिले के सांसद वीपी सिंह के पद से हटते ही यह योजना खटाई में पड़ गई थी।

हालांकि परियोजना को लेकर कई पार्टियों के नेताओं और पालिका अध्यक्ष ने हाथ पैर मारे लेकिन सफलता नगर पालिका अध्यक्ष अजय अवस्थी के हाथ लगी। जानकारों के मुताबिक शुक्रवार को पालिका अध्यक्ष की मौजूदगी में शासन ने परियोजना में मुहर लगा दी है। पहले चरण में शहर से गुजरने वाली रेलवे लाइन के उत्तरी क्षेत्र में सीवर लाइन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित क्षेत्र को छह ब्लाकों में बांटा गया है। निर्माण में 163.71 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके पूरे होने के बाद शहर के दक्षिणी क्षेत्र में परियोजना निर्माण का प्रस्ताव भेज कर कार्य कराया जाएगा। जल निगम के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार सक्सेना ने बताया कि प्रस्ताव स्वीकृति के बाद केंद्र सरकार को पत्रावली भेजी गई है। वहां से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

22 नव॰ 2008

सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा

नगर पालिका परिषद जलनिकासी समस्या के स्थाई निराकरण के लिए गंभीर है। इसके तहत परिषद प्रशासन अभी हाल ही में 163.71 लाख का सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा है। अधिशासी अधिकारी अरुण कुमार गुप्ता का कहना है कि अच्छी पहल करके इस बार सीवर लाइन निर्माण के लिए बजट अवमुक्त करा लिया जाएगा।मालूम हो कि शहर की जलनिकासी समस्या का फिलहाल कोई पुरसाहाल नहीं है। घरों का गंदा पानी निकलने की व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों में गंदा पानी भरता रहता है जिससे सड़कें बर्बाद हो जाती है। इतना ही नहीं बारिश में भीषण बरसात के कारण जलभराव से निपटने के लिए नगर पालिका परिषद को लाखों के वारे न्यारे करने पड़े। लगातार महीनेभर से अधिक समय तक दो दर्जन डीजल पंपिंग सेट और मोटर पंप लगाकर जल निकासी करना पड़ा। ऐसी स्थिति में इस बार परिषद ने जलनिकासी की समस्या को गंभीरता से लिया है।
वैसे तो शहर में सीवर लाइन निर्माण के प्रस्ताव कई बार शासन को भेजे जा चुके हैं। एक बार तो निर्माण को हरी झंडी भी मिल चुकी है, लेकिन ......

तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का तख्ता पलट होने के साथ सीवर लाइन निर्माण का काम अधर में अटक गया था। खास बात तो यह रही कि कुछ दिन बाद निर्माण कराने के लिए आया बजट भी वापस चला गया था। ऐसी हालत में एक बार फिर चेयरमैन अजय अवस्थी ने प्रस्ताव तैयार कराकर शासन स्तर पर पहले करने की जिम्मेदारी ईओ अरुण कुमार गुप्ता को सौंपी है। ईओ ने बताया कि प्रस्ताव शासन में पहुंच गया है। उन्हें विश्वास है कि इस बार सीवर लाइन निर्माण के लिए बजट अवश्य आवंटित हो जाएगा।