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16 दिस॰ 2013

‘माटी से माटी’ कार्यक्रम - 2013 सम्पन्न : ओम घाट से Pictures Live !

भिटौरा स्थित ओमघाट में माटी से माटी अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। स्वामी विज्ञानानंद की प्रेरणा विगत कई वर्षो से होने वाले समारोह में इस बार देश के विभिन्न हिस्सों से आई  शख्सियतों को अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। 

यह ऐसी प्रतिभाए हैं जो अपने कार्यक्षेत्र में एक मुक्कमल स्थान बनाकर अपनी माटी की खुशबू बिखेर रहे हैं। जनपदीय विभूति अलंकरण समारोह के समापन सम्मानित विभूतियों के भोजन की व्यवस्था थी।  देश के कोने-कोने से आए फतेहपुरी व उनके परिवारिक नैसर्गिक छटा को निहारते हुए ओम घाट के आसपास गिरि, कंदराओं व गंगा किनारे डूबते सूरज की अनुपम छटा को निहारते रहे। दुग्ध धवल धारा के साथ कलकल करती पतित पावनी गंगा के तट पर विभूतियों का संगम बन गया। भगवान भाष्कर ने अंगड़ाई के साथ सम्मान समारोह स्नेह की लड़ियों के साथ सूर्य की लालिमा के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। मंद हवा के झोंकों के साथ खिले व्यक्तित्व के चेहरों के हाथों में सम्मान आया तो सम्मान करने वालों और पाने वालों में खुशी का ठिकाना न रहा।

उत्तर वाहिनी गंगा तट में आयोजित जनपदीय गौरवशाली व्यक्तित्व अलंकरण समारोह रविवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गैर जनपदों और प्रांतों में सेवाएं दे रहे प्रतिभाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती के उद्बोधन से हुई। जिले की धरती में पले बढ़े लोगों के आने का सिलसिला सुबह से ही शुरु हो गया था। आयोजन समिति की ओर से एक रुद्राक्ष माला, पुष्प गुच्छ, प्रतीक चिन्ह ओम और पगड़ी पहना कर विभूतियों को सम्मानित किया गया।
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‘माटी से माटी’ कार्यक्रम - 2013 सम्पन्न : मीडिया रिपोर्ट्स

आत्मीयता की अभिभूति, बरसा स्नेह नहीं किसी से कम, हाईटेक हुए हम

कलकल कर बहती भागीरथी की जलधारा को निहारते तो डूबते सूरज की छटा को देख मन के भावों को व्यक्त करते। आपस में बात कर सुरम्य प्राकृतिक सौंदर्य का बखान हर एक की जुबां में था। इस बीच गंगा घाट के एक सिरे पर बैठे बुजुर्ग लैपटॉप पर अंगुलिया थिरका रहे थे तो गंगा तट पर मोबाइल व टेबलेट में कई तस्वीरें कैद कर रहे थे।  

भिटौरा स्थित ओमघाट में माटी से माटी अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। स्वामी विज्ञानानंद की प्रेरणा विगत कई वर्षो से होने वाले समारोह में इस बार देश के विभिन्न हिस्सों से आई 76 शख्सियतों को अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। यह ऐसी प्रतिभाए हैं जो अपने कार्यक्षेत्र में एक मुक्कमल स्थान बनाकर अपनी माटी की खुशबू बिखेर रहे हैं। जनपदीय विभूति अलंकरण समारोह के समापन सम्मानित विभूतियों के भोजन की व्यवस्था थी। कुछ लोग तो भोजन के लिए गंगा तट पर स्थित हाल में भोजन करने चले गए। देश के कोने-कोने से आए अधिकारी व उनके परिवारिक नैसर्गिक छटा को निहारते हुए ओम घाट के आसपास गिरि, कंदराओं व गंगा किनारे डूबते सूरज की अनुपम छटा को निहारते रहे। 

दुग्ध धवल धारा के साथ कलकल करती पतित पावनी गंगा के तट पर विभूतियों का संगम बन गया। भगवान भाष्कर ने अंगड़ाई के साथ सम्मान समारोह स्नेह की लड़ियों के साथ सूर्य की लालिमा के साथ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। मंद हवा के झोंकों के साथ खिले व्यक्तित्व के चेहरों के हाथों में सम्मान आया तो सम्मान करने वालों और पाने वालों में खुशी का ठिकाना न रहा। उत्तर वाहिनी गंगा तट में आयोजित जनपदीय गौरवशाली व्यक्तित्व अलंकरण समारोह रविवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गैर जनपदों और प्रांतों में सेवाएं दे रहे प्रतिभाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की। 

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती के उद्बोधन से हुई। जिले की धरती में पले बढ़े लोगों के आने का सिलसिला सुबह से ही शुरु हो गया था। आयोजन समिति की ओर से एक रुद्राक्ष माला, पुष्प गुच्छ, प्रतीक चिन्ह ओम और पगड़ी पहना कर विभूतियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों में आसानी माटी के लालों ने कई वर्षो से हो रहे कार्यक्रम की भूरि भूरि सराहना की। जनपद के ऋण से खुद को कभी उऋण न होने की बात रखते हुए जिले को उत्तरोत्तर विकास के पथ पर ले जाने का संकल्प लिया। भृगुधाम भिटौरा स्थित ओम घाट पर जनपदीय विभूति अलंकरण समारोह में देश के कोने-कोने से आए विभिन्न विभागों के अधिकारी, पत्रकारिता के पुरोधा, साहित्यकार व खेल जगत की विभूतियों का सम्मान किया गया। उत्तरवाहिनी गंगा तट की नैसर्गिक प्राकृतिक छटा को देखते हुए इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मंशा सभी ने जाहिर की। इस पर स्वामी विज्ञानानंद ने पूर्व में किए गए प्रयासों व आगे की रणनीति के बारे में समारोह में मौजूद गणमान्य लोगों को वाकिफ कराया।

भृगुधाम भिटौरा पहुंचेंगे कल्पवासी 
हरिद्वार व प्रयाग की तर्ज पर अब भृगु की तपोस्थली को भी जप-तप के स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। स्वामी विज्ञानानंद ने इस वर्ष माघ माह में कल्पवास की व्यवस्था करने की बात कही। गंगा की रेत पर सुरम्य वातावरण में घास व फूस की झोपड़ियों में सनातन हिंदू परिवारों के लोग कल्पवास कर जप-तप का लाभ उठा सकेंगे।  उन्होंने कहा कि माघ माह में हजारों की तादाद में लोग कल्पवास के लिए प्रयाग व हरिद्वार को जाते हैं, कुछ लोग मां गंगा की अविरल निर्मल धार व सुरम्य वातावरण में जप-तप की इच्छा रखते हुए भी वहां नहीं जा पाते। उन्होंने कहा कि अब जनपद के इस पवित्र धरा को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही कल्पवास करने की इच्छा रखने वाले धर्मभीरू लोगों के लिए यहां भागीरथी की रेत पर घास-फूस की झोपड़ियां तैयार की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था इस वर्ष से ही शुरू हो जाएगी। 

सभी ने कहा माटी का कर्ज चुकाएंगे
दो सत्र में चले अभिनंदन समारोह के दूसरी कड़ी में एक गोष्ठी आयोजित की गई। जिसका लब्बोलुआब यह था कि जिसे के पिछड़ेपन को कैसे दूर किया जाए और इसमें इन प्रतिभाओं का क्या योगदान हो। सभी ने माना की जिला बेहद ही पिछड़ा हुआ है। उद्बोधन में स्वामी विज्ञानानंद ने पिछड़ेपन पर चिंता जाहिर करते हुए न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक पटल पर फतेहपुर की पहचान बनाने की बात कही। उन्होने विकास के लिए एकजुटता एवं सहयोग का आह्वान किया तो सम्मानित होने वाली प्रतिभाओं ने एक सुर में कहा कि वह माटी का कर्ज चुकाएंगे। इसके लिए जो भी दायित्व सौंपा जाएगा उसका निर्वहन करेंगे। हर स्तर पर सहयोग की बात भी कही गई। इसके लिए आठ अलग-अलग समितियों का गठन किया जो शिक्षा, संस्कृति, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में काम करेंगी। सम्मानित होने वालों में चिकित्सक, इंजीनियर, कलाकार, आइएएस, आइपीएस, प्रोफेसर, खिलाड़ी, अधिवक्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोग शामिल है। जिनका जन्म फतेहपुर जिले विभिन्न स्थानों पर हुआ। यहां निकलकर आज यह लोग अपनी प्रतिभा के बूते समाज के विकास एवं भारत निर्माण में योग कर रहे हैं। आयोजन समिति की ओर से तुलसी की माला, अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह एवं पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया। दोपहर बारह बजे शुरू हुआ कार्यक्रम शाम तक चला। जिसमें भारी संख्या में अतिथियों ने शिरकत की।

कार्यक्रम और फतेहपुर फोरम से जुड़े लोगों में पूर्व आईपीएस अधिकारी दिल्ली प्रदीप श्रीवास्तव, उत्तम कुमार तिवारी, दिल्ली के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह परिहार, शासन के स्वास्थ्य सचिव एके द्विवेदी, एमसी तिवारी आदि रहे। इसके अलावा पूर्व सांसद अशोक पटेल, पंकज त्रिपाठी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय उर्फ पप्पू पाल, यशवंत सिंह, साध्वी निरजंन ज्योति, रामआसरे प्रजापति, शैलेंद्र शरण सिंपल, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, राजीव अग्रवाल, सुनील श्रीवास्तव, कोटेश्वर शुक्ला, सुधाकर अवस्थी, मेवालाल मौर्य आदि मौजूद रहे।


 

3 दिस॰ 2013

जनपदीय गौरवशाली व्यक्तित्व अलंकरण समारोह 15 दिसम्बर 2013 को

जनपदीय गौरवशाली व्यक्तित्व अलंकरण समारोह वर्ष - 2013
उत्तर वाहिनी गंगातट ओमघाट भिटौरा, फतेहपुर (उ0 प्र0) 

आदरणीय श्री ......................
 .......................................... 

गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी उक्त सन्दर्भित कार्यक्रम रविवार दिनाँक 15 दिसम्बर 2013 को उत्तर वाहिनी गंगातटओमघाट भिटौरा फतेहपुर में आयोजित किया जा रहा है।अपने जनपद फतेहपुर (अन्तर्वेद) की धरती पर जन्मी विभूतियों का अभिनन्दन कर स्नेह-सूत्र में बाँधते हुए जनपदवासी आपके विकासमुखी विचारों से अनुग्रहित होंगे। साथ ही अति पिछड़े होने के कारण जनपद के विकास पर चिन्तन’’ उक्त समारोह का प्रमुख विषय होगा। 

निश्चित ही आपके नूतन, कुशल विचारो एंव आपकी शुभेक्षा से जनपद के विकास हेतु नई दिशा प्रशस्त होगी। अतः फतेहपुर जनपद से सम्बन्ध होने के नाते, चयनित आपके नाम के परिप्रक्ष्य में आपको उक्त निर्धारित तिथि रविवार, 15 दिसम्बर 2013 को महती उपस्थिति आपेक्षित है। इस वर्ष सम्मिलित होने वाली विभूतियों के प्रस्तावित नामों की चयन श्रँखला सूची अवलोकनार्थ संलग्न है। 
प्रेरक : स्वामी  विज्ञानानन्द सरस्वती
संयोजक                                                                                             
1. श्री शैलेन्द्र सिंह परिहार                                            
2. डा. अशोक पटेल
3. श्री सुधाकर 

समारोह तिथि : रविवार,  15 दिसम्बर 2013
पूर्वान्ह 9:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक












10 दिस॰ 2012

माटी से माटी का अभिनन्दन की पांचवीं कड़ी : दैनिक जागरण रिपोर्टर की नजर से

फतेहपुर, कार्यालय संवाददाता: गंगा के तीरे आयोजित किया गया सम्मान समारोह इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। कार्यक्रम में अपनत्व की बयार ऐसी बही कि जिसने देखा वह कायल हो गया। वर्षो बाद एक-दूसरे को आमने-सामने पाकर लोग फूले नहीं समाए। कलकल करती गंगा की धवल धारा मानों कार्यक्रम की साक्षत् गवाही दे रही हो। अपनों के हाथ अपनों ने जब सम्मान पाया तो हर्ष की सीमा नहीं रही। मौका जब बोलने का आया खुशी के मारे उनकी जुबान तक लड़खड़ा गई।

जिले के उत्तरवाहिनी गंगातट में रविवार देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हस्तियां जुटीं। विभिन्न पदों में सेवाएं दे रहे ख्याति प्राप्त नामचीन हस्तियों ने आमंत्रण को स्वीकार कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजन की खासियत यह रही कि अपनों से अपनों का सम्मान कराया गया। सम्मान समारोह में जनपद के विकास पर चिंतन भी किया गया। उच्च पदों में आसीन माटी के लालों ने खुद को गौरवान्वित महसूस किया। कार्यक्रम में डेढ़ दर्जन लोगों का सम्मान किया गया।
(साभार:दैनिक जागरण,फतेहपुर)

इनको किया गया सम्मानित
-कमलेश चंद्र बाजपेयी, पीसीएस, आरके तिवारी, अंतर्राष्ट्रीय मूंछ नर्तक, डॉ. राजकुमार सिंह चौहान, सहायक निदेशक स्वास्थ्य, डॉ. अश्वनी शुक्ला, प्रवक्ता जवाहर लाल नेहरू डिग्री कालेज बांदा, मुकेश सिंह लोधी, आईआईटी कानपुर देहात, कुलदीप सिंह लोधी प्रोजेक्ट इंजीनियर, ग्रेटर नोयडा, शिवशंकर त्रिपाठी राष्ट्रीय अध्यक्ष आइसना, इलाहाबाद, प्रदीप श्रीवास्तव डीजी, पंजाब पुलिस, राजीव कुमार तिवारी, जेई राष्ट्रपति भवन, विधु पाण्डेय समाज सेवक, नई दिल्ली, शैलेन्द्र सिंह परिहार, अपर जिलाधिकारी, नई दिल्ली, उत्तम तिवारी, उद्योगपति, समाज सेवक, नई दिल्ली, डा.शेष नारायण पाठक, रिटायर्ड मुख्य चिकित्साधिकारी, इलाहाबाद, कर्नल विभवमान सिंह, कमल पाण्डेय, अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय, एके द्विवेदी, जिलाधिकारी, बलरामपुर, सनत कुमार द्विवेदी, वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद, अखिलेश तिवारी, अपर जिला जज, कानपुर।

फतेहपुर, कार्यालय संवाददाता: भिटौरा के ओमघाट में जुटी हस्तियां मानों इतरा रही हों। उनसे जब बात की गई तो उन्होंने पहल को अविस्मरणीय करार देते हुए आयोजन को उसके आयाम तक ले जाने की बात कही। सम्मान पाईं प्रतिभाओं ने कहा कि वह जिस लायक हैं उसका बखूबी प्रयोग किया जा सकता है।

जिले के सम्यक विकास के लिए प्रयासों में योगदान करने वाले शैलेन्द्र सिंह परिहार ने कहा जिले की माटी का लगाव है कि वह इससे जुड़े हैं। उनका प्रयास होगा कि लोगों को जोड़ने की कड़ी निरंतर बढ़ती रहे। हाल ही में पंजाब पुलिस से अवकाश प्राप्त करने वाले प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि माटी से माटी का अभिनंदन कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ एक दूसरे को जोड़ना है। कड़ी जुड़ने के बाद जिले का विकास कराना है। भारतीय फौज में कर्नल के पद पर आसीन विभव मान सिंह आयोजन की सराहना की। कहा कि जिले के विकास के लिए सैन्य भर्ती कराएंगे। उद्योगपति उत्तम तिवारी ने कहा कि शिक्षा की धारा बहे इसके जो मदद की अपेक्षा है वह पूरी करेंगे। कार्यक्रम में भाग ले रहे आरके तिवारी ने मूंछ नृत्य में ख्याति आर्जित की है उनका कहना रहा कि प्रतिभा के विकास के लिए वह जिस क्षेत्र में हैं, प्रति वर्ष एक आयोजन करेंगे।

फतेहपुर, कार्यालय संवाददाता: अर्से बाद जब हस्तियों ने एक-दूसरे को सामने पाया तो उनका खुशी का ठिकाना नहीं रहा। किसी ने हाथ मिलाकर अभिवादन किया तो किसी ने गले में खुशी में मारे एक-दूसरे को खींच लिया। कितनों ने पैर छूकर संस्कारित होने का परिचय दिया। खुद के साथ परिवार की कुशलक्षेम पूछना नहीं भूले।

व्यस्तता के पलों में कुछ पल निकाल कर आई हस्तियों की खुशी चेहरे से पढ़ी जा सकती थी। वाहनों ने उतरते ही लोगों ने पतित पावनी गंगा को प्रणाम किया। बचपन की तरुणाई से लेकर बुढ़ापे तक की याद ताजा हो गई। कार्यक्रम में आने की जानकारी के चलते ही परिचित टकटकी लगाए प्रतीक्षा करते रहे।

उदीयमान मेधाएं भी हुईं सम्मानित
 गौरवशाली अलंकरण समारोह में खेल जगत की उदीयमान हस्ती मनीषा सिंह और छोटी उम्र में शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने वाली प्रतिभा शुक्ला को बलरामपुर के जिलाधिकारी एके द्विवेदी ने सम्मानित किया। उनके सम्मान पाते ही तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंज उठा।

भिटौरा, शिवराजपुर और बावनी इमली पर्यटक स्थल घोषित
जिले के तीन ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन विभाग ने पर्यटक स्थल घोषित कर दिया है। कार्यक्रम के आयोजक स्वामी विज्ञानानंद जी महाराज ने बताया कि मुख्यमंत्री के यहां से विभाग को भेजी गई फाइल में विभाग ने मोहर लगा दी है। विभाग से उनकी जो वार्ता हुई है उसके मुताबिक उत्तरवाहिनी गंगा तट भिटौरा, मीरा की तपस्थी शिवराजपुर और आजादी के रणबांकुकरों की गाथा कहता बावनी इमली को एक-एक करोड़ रुपये मिलेंगे। सरकारी तौर पर इनका विकास कराया जाएगा। इसका श्रेय उन्होंने कार्यक्रम में जुटने वाली हस्तियों को दिया।

फतेहपुर फोरम वहन करेगा प्रतिभागी परीक्षा का खर्च
अलंकरण समारोह में जिले के विकास की चर्चा में शिक्षा और शिक्षित समाज को बनाने को लेकर मंथन हुआ। कार्यक्रम में भाग ले रहे फतेहपुर फोरम के कोषाध्यक्ष/ उद्योगपति उत्तर कुमार तिवारी ने कहा कि कम्पटीशन परीक्षाओं के लिए जिले के बच्चों के लिए वह शुल्क की अदायगी करेंगे।

माटी से माटी का अभिनन्दन की पांचवीं कड़ी : अमर उजाला रिपोर्टर की नजर से

(साभार: अमर उजाला, फतेहपुर)

  • प्रतिभा अलंकरण कार्यक्रम में विभूतियों को किया गया सम्मानित,
  • समागम कार्यक्रम में ससुर खरेदी नदी को बचाने की उठी आवाज
कठिनाई की चले डगर जो मंजिल उन्हें मिला करती है!

•अमर उजाला ब्यूरो ओमघाट/फतेहपुर। ओमघाट भिटौरा पर रविवार को आयोजित प्रतिभा अलंकरण समागम कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बुलंदियों को छूने वाले माटी के लाल मौजूद हुए। फतेहपुर विकास मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम दोपहर बारह बजे वंदना के साथ शुरू हुआ। स्वामी विज्ञानानंद के सानिध्य में आयोजन को चार चांद लगाने के लिए दूर दराज से लोग आए थे। ये जमात उन बंदों का इस्तकबाल करने आई थी जो विभिन्न क्षेत्र में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

चंडीगढ़ से डीजी के पद से रिटायर्ड हुए प्रदीप कुमार ने ससुर ख्ररेदी नदी को बचाने की बात कही। कारगिल मे तैनात कर्नल विभय मान सिंह ने नौजवानों को आर्मी के लिए प्रेरित करने के साथ जल्द भर्ती कैंप लगवाने की बात की। मूंछ नर्तक आरके तिवारी उर्फ दुकान जी ने कला और साहित्य के उत्थान के लिए फतेहपुर में भरपूर समय देने का दम भरा। स्वामी विज्ञानानंद ने अपने संबोधन में जिले मे शिक्षा के विकास पर खास जोर दिया। कार्यक्रम के मंच में प्रतिभा शुक्ला व मनीषा सिंह को उनकी काबिलियत पर पहुंचने का मौका मिला।

कोई आसमान से सीख कर नहीं आता सम्मानित होने वाले माटी के लाल माटी के लिए कुछ करने की चाह से अपनी अभिव्यक्ति दे रहे थे। सबका एक कहना था जैसे भी हो दो आबा को विकास से सिचिंत करना है। समापन पर जैसे ही विभूतियां अपने गंतव्य को बढ़ी। उनके चाहने वाले उनकी तरफ लपक पड़े। इन्हीं में से एक था बीस साल का युवक राजू। जिसने कारगिल में तैनात कर्नल विभवमान सिंह ने सेना में भर्ती होने की जिज्ञासा जताई। इस पर कर्नल ने कहा बेटा ट्राई करो, कोई आसमान से सीख कर नहीं आता है।

साहित्यकार धनंजय अवस्थी ने अपनी रचना- जिनका होता तुंग मनोबल, मुश्किल उन्हें ऋचा लगती है, कठिनाई की डगर चले जो मंजिल उन्हें मिला करती हैं। के जरिए कार्यक्रम को विराम दिया। इस दौरान कार्यवाहक  डीएम, प्रजापति महासभा के प्रांतीय नेता राम आसरे विश्वकर्मा, नेहरू युवा संगठन अध्यक्ष राजेंद्र मौर्या प्रमुख रूप से मौजूद रहें।

कार्यक्रम में स्वामी विज्ञानानंद ने शहर में एक खेल का मैदान होने की बात कही। जिस पर चेयरमैन चंद्र प्रकाश लोधी ने कहा इसके लिए बोर्ड मे प्रस्ताव जल्द पास करा लिया जाएगा। साथ ही स्वामी जी की पुरानी मांग पर कहा शवदाह गृह का प्रस्ताव पास हो गया है। भिटौरा रोड मे ही पालिका की जमीन स्वामी जी को दे दी जाएगी।

विभूतियां हुईं सम्मानित मुच्छ नर्तक आरके तिवारी उर्फ दुकान जी, आईसमा प्रेसीडेंट शिवशंकर तिवारी, डिप्टी कमिशभनर कमलेश बाजपेई,एडी मेडिकल डा. राज कुमार चौहान, साहित्यकार अश्वनी कुमार शुक्ला, टेकिभनकल आफीसर मुकेश सिंह लोधी, विप्रो प्रोजेक्ट ई. कुलदीप सिंह के अलावा प्रदीप श्रीवास्तव, राजीव तिवारी, कर्नल विभव मानसिंह, कमल कुमार पांडेय, सनत द्विवेदी, विधू पांडेय, डा. रमेश चंद्र, शैलेंद्र सिंह परिहार व उत्तम तिवारी सम्मानित हुए।

माटी से माटी का अभिनन्दन की पांचवीं कड़ी संपन्न : प्रवीण त्रिवेदी के संग ओमघाट से एक रिपोर्ट

कल 9  दिसंबर 2012 को भिटौरा के ओम घाट में उस दृश्य का नजारा देखने लायक था , जिसमें इसी माटी में खेल व पढ़कर देश और दुनियां में नाम रोशन करने वाली विभूतियां अपने ही लोगों से मिली  और इस माटी का कर्ज कैसे चुकायें इस पर भी चर्चा करती रहीं।

माटी से माटी का अभिनन्दन की पांचवीं कड़ी का आमंत्रण पत्र 

रास्ते  में स्वागत करता और दिशा बताता बैनर
ओमघाट का मनमोहक दृश्य ....क्योंकि कार्यक्रम  शुरू होने में देर थी
कल कलकरती गंगा की धार
नौका विहार का अद्भुत दृश्य
नौका विहार का अद्भुत दृश्य
कार्यक्रम स्थल सजा हुआ .... समय पर संकट यहाँ भी जारी :)
अपनों से अपनों के लिए पलक बिछाए सजा दरबार
कार्यक्रम का शुभारम्भ ॐ की धवनि और स्वामी जी के प्रवचन से
खास बात यह है कि विभिन्न क्षेत्रों में बुलंदियों को छूने वाले यह महानुभाव नई पीढ़ी से रूबरू होकर उन्हें आगे बढ़ने की सीख ही नहीं बल्कि उनका हाथ थामकर कुछ कर दिखाने का जज्बा भी देते रहे। जनपद के गौरवशाली व्यक्तित्व अलंकरण समारोह की तीसरी कड़ी में जनपद की उन महान विभूतियों का सम्मान किया गया जो जिले के बाहर रहकर यहां की माटी का मान बढ़ा रहे हैं। इनमें शासकीय सेवा, व्यवसाय, खेल, मीडिया व अन्य क्षेत्र में उल्लेखनीय मुकाम हासिल किये लोगों के नाम शामिल हैं। जिले की मिंट्टी में जन्में यह लोग बाहर रहकर भी यहां के लिये कुछ न कुछ करना चाहते हैं यही उनकी इच्छा है।

बैठे हुए बाएं से उत्तम तिवारी, कर्नल विभव मान सिंह और प्रदीप श्रीवास्तव
बैठे हुए बाएं से आर के तिवारी , कमल कुमार पाण्डेय , विधु पाण्डेय
विधु पाण्डेय के आगे राजीव तिवारी और सनत कुमार द्विवेदी
सांता जी के आगे शिवशंकर त्रिपाठी और उत्तम तिवारी
उत्तम तिवारी, विज्ञानानंद जी और कर्णक विभय  मान सिंह
बैठे हुए बाएं से राजीव तिवारी , शिवशंकर तिवारी , उत्तम तिवारी , अरविन्द कुमार द्विवेदी और हाथ में माइक थामे शैलेन्द्र सिंह परिहार

भिटौरा के ओमघाट-पट्टी विट्ठलपुर सहिमापुर में हुए अलंकरण समारोह में आयी जनपद की इन हस्तियों ने एक दूसरे के हालचाल लिये। यह सभी एक मंच पर एकत्र होकर अपनी जन्म भूमि के प्रति दिल खोलकर कार्य करने की घोषणा की। अपनी जन्म भूमि की माटी से मिलने के लिए समारोह में आये उसके लाल एक दूसरे से मिले तो यादों में खो गये। कुछ तो पहली बार एक दूसरे से मिल रहे थे। कार्यक्रम में आयी विभूतियों ने कहा कि वह जितना हो सकेगा फतेहपुर जिले का नाम रोशन के लिए कुछ विशेष करते रहेंगे।

सम्मानित होने के बाद श्री शिवशंकर तिवारी अपनी बात कहते हुए



सम्मानित होने के बाद श्री डा० राजकुमार चौहान जी  अपनी बात कहते हुए

सम्मानित होने के बाद श्री अश्वनीकुमार शुक्ल  अपनी बात कहने के लिए उठ खड़े  हुए

मौके पर उपस्थित अनुशासित श्रोतागण




सम्मानित होने के बाद श्री आर० के०  तिवारी  उर्फ़ दूकान जी  अपनी बात कहते हुए

सम्मानित होने के बाद श्री कमलेश चन्द्र बाजपेयी    अपनी बात कहते हुए

सम्मानित होने के बाद श्री मुकेश सिंह लोधी अपनी बात कहते हुए

सम्मानित होने के बाद श्री कुलदीप सिंह लोधी  अपनी बात कहते हुए

स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती जी की अगुवाई में आयोजित समारोह में सम्मान पाने वालों में कमलेश चंद्र बाजपेयी, पीसीएस, आरके तिवारी, अंतर्राष्ट्रीय मूंछ नर्तक, डॉ. राजकुमार सिंह चौहान, सहायक निदेशक स्वास्थ्य, डॉ. अश्वनी शुक्ला, प्रवक्ता जवाहर लाल नेहरू डिग्री कालेज बांदा, मुकेश सिंह लोधी, आईटीआई कानपुर देहात, कुलदीप सिंह लोधी प्रोजेक्ट इंजीनियर, ग्रेटर नोयडा, शिवशंकर त्रिपाठी राष्ट्रीय अध्यक्ष आइसना, इलाहाबाद को पुष्पगुच्छ व रुद्राक्ष की स्नेहमयी माला से सम्मानित किया गया। इसके अलावा इस अवसर पर फतेहपुर फोरम के सदस्यगण के रूप में  में प्रदीप श्रीवास्तव डीजी, पंजाब पुलिस, राजीव कुमार तिवारी, जेई राष्ट्रपति भवन, विधु पाण्डेय समाज सेवक, नई दिल्ली, शैलेन्द्र सिंह परिहार, अपर जिलाधिकारी, नई दिल्ली, उत्तम तिवारी, उद्योगपति, समाज सेवक, नई दिल्ली, कर्नल विभवमान सिंह, कमल पाण्डेय, अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय, एके द्विवेदी, जिलाधिकारी, बलरामपुर, सनत कुमार द्विवेदी, वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय, इलाहाबाद आदि रहे।

एकाग्रचित्त निहारते स्वामी विज्ञानानंद और साथी

सम्मानित होने के बाद श्री अरविन्द कुमार द्विवेदी अपनी बात कहते हुए



विज्ञानानद जी के वैदिक स्कूल के वेदपाठी बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे

उपस्थित जन मानस

अरविन्द द्विवेदी जी के हाथों से सम्मानित होते हुए बाएं से प्रतिभाशाली खिलाड़ी मनीषा सिंह और  मेधावी छात्रा प्रतिमा शुक्ला

स्वामी जी के आग्रह पर वादा करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश लोधी जी

स्नेहमयी  फूलों की डोरी में  बंधे गए आगंतुक ; अब बच कर ना जा पायेंगे


इस मौके पर समारोह में अपनी काव्यमयी वाणी से  वरिष्ट साहित्यकार धनंजय अवस्थी ने स्नेह के बंधन को मजबूत किया। इस मौके पर जिले पुनः सैनिक भर्ती के लिए प्रयासों को बल देने  का निर्णय लिया गया ।
स्नेहमयी  फूलों की डोरी में  बंधे गए आगंतुक ; अब बच कर ना जा पायेंगे





चलते चलते निर्मित हो रहे विशालकाय मंदिर की आधार शिला का एक दृश्य


प्रसाद ग्रहण  के उपरान्त चिन्तनरत और मिलन करतेफतेहपुरी माटी के लाल


प्रसाद ग्रहण  के उपरान्त चिन्तनरत और मिलन करतेफतेहपुरी माटी के लाल

स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती के प्रयासों से विगत वर्षों  की भांति इस बार भी फतेहपुर फोरम के तत्वाधान में अलंकरण समारोह का आयोजन किया। ओम घाट में आयोजित कार्यक्रम में न सिर्फ प्रतिभाओं का  सम्मान  किया गया। बल्कि इस मंच के माध्यम से जनपद के विकास और विकास की राह में आ रही विभिन्न समस्याओं के बारे में चिंतन भी किया गया। चिंतन के दौरान आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक जैसे विभिन्न पहलुओं की गहनता से समीक्षा की गईं। इसका लब्बोलुआब  यह रहा कि गौरवशाली होने के बावजूद जनपद आज शैक्षिक एवं आर्थिक तौर से बेहद पिछड़ा हुआ है।

अतिथियों ने इस पिछडे़पन को दूर करने तथा समाज के चहुमुखी विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। मुख्य  फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के विकास पर रहा। अध्यक्षता कर रहे स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि पतित पावनी गंगा इस पवन क्षण की साथी है। जिस प्रकार गंगा की धवलधारा निज्स्वार्थ भाव से जनकल्याण के लिए अविरल प्रवाहित हो रही है, ठीक वैसे ही यह मंच विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। संचालन शैलेन्द्र सिंह परिहार ने किया| पुराने संस्मरणों को याद करते हुए सभी ने कहा कि देश-विदेश के किसी भी कोने में रहकर वह इस मंच के माध्यम से शिक्षा, रोजगार व सृजनात्मक कार्यो के लिए हर संभव मदद करेंगे।

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