8 जुल॰ 2020

Fatehpur Live : कोरोना संक्रमण की चेन को ब्रेक करने के लिए फतेहपुर जिला प्रशासन द्वारा 12 जुलाई तक जिले में कुछ शर्तों के तहत लॉक डाउन लागू, देखें विस्तृत दिशा निर्देश

Fatehpur Live : कोरोना संक्रमण की चेन को ब्रेक करने के लिए फतेहपुर जिला प्रशासन द्वारा 12 जुलाई तक जिले में कुछ शर्तों के तहत लॉक डाउन लागू, देखें विस्तृत दिशा निर्देश।

कार्यालय आदेश

वर्तमान समय में नोबल कोरोना वायरस के संक्रमण को भारत में महामारी घोषित किया गया है। राज्य सरकार के महामारी अधिनियम-1897 (अधिनियम संख्या-3सन् 1897) का धारा-2 व इसके अन्तर्गत जारी उत्तर प्रदेश शासन चिकित्सा अनभाग-5की अधिसूचना संख्या 548/पाँच-5-2020 दिनांक 14.03.2020 आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 तथा राज्य सरकार के पत्रॉक संख्या 1686/2020/एक्स-3 ग्रह ( गोपन अनुभाग-3) दिनॉक 30 जून 2020 जिसम यह व्यवस्था दी गयी है कि कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर ऐसे स्थान जहाँ कोविड-19 के संकमण के केस निकलने की संभावना हो उन्हें बफर जोन के रूप में चिंहित किया जाये यफर जोन के अन्दर जिला प्रशासन द्वारा यथावश्यक प्रतिबन्ध लगाये जा सकते हैं।

 जनपद फतेहपुर में कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की बढ़ती हुई संख्या के दृष्टिगत आज दिनॉक 08.07.2020 को बैठक में उपस्थित मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि दिनांक 07.07.2020 को जनपद में कुल 26 कोरोना पाजटिव पाये गये, जो आज तक जनपद में पाये गये कोरोना पाजटिव की सर्वाधिक संख्या है, जो कम्युनिटी ट्रान्समिशन की ओर जाने का संकेत दे रहा है इसलिए कोरोना की संक्रमण की चैन को ब्रेक किये जाने के उद्देश्य से यह प्रस्तावित किया जाना उचित होगा कि सार्वजनिक स्थलों/व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कुछ समय के लिए बन्द कर दिया जाये एवं उनका प्रोटोकाल के अनुसार सम्पूर्ण सेनेटाइजेशन कराया जाये। साथ ही आमजनता के अकारण आवागमन को प्रतिबन्धित किया जाये।

बैठक में उपस्थित व्यापार मण्डल के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों द्वारा भी आम आदमी को कोरोना के संकमण से बचाव हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा दिये गये सुझाव का समर्थन किया गया है। यह भी कहा गया है कि कुछ शर्तो के साथ आवश्यक वस्तुओं यथा खाद्य एवं मेडिकल आदि के प्रतिष्ठानों को खोला जाये एवं अन्य सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान कुछ समय के लिए बन्द कर दिया जाये एवं कोरोना से सम्बन्धित प्रोटोकाल का आम लोगों के बीच कडाई से अनुपालन कराया जाये। बैठक में सर्वसम्मति से भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी अनलाक-2 के गाइड लाइनों के दृष्टिगत कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु स्थानीय स्तर पर निम्न लिखित प्रोटोकाल लागू किये जाते हैं:


1:-राज्य सरकार के समस्त सरकारी कार्यालय 12.07.2020 की सायंकाल तक बन्द रहेंगें। सरकारी कर्मचारी सक्षम अधिकारी की बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोडेगें मोबाइल फोन स्विच आफ नहीं करेगें एवं मोबाइल पर उपलब्ध रहेंगे अपरिहार्य स्थिति में बुलाये जाने पर उपलब्ध रहेगें। 

2:-केन्द्रीय कार्यालय एवं बैंक पूर्ववत् खुले रहेंगे सम्बन्धित अधिकारी परिसर सोशल डिस्टैसिंग, सैनिटाइजेशन की कार्यवाही करना सुनिश्चित करेंगें। 

3:-आद्योगिक क्षेत्रों के इन्डस्ट्रीज पूर्व की भांति सशर्त चलते रहेगें। 

4:-ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के मनरेगा व अन्य निर्माण कार्य (कन्टेनमेन्ट जोन को छोडकर) पूर्वतः सशर्त जारी रहेगें। 

5:-सरकारी कार्यालय बन्द होने के दौरान कार्यालयों के फर्श/ दरवाजे/मेज/कुर्सी आदि को ब्लीचिंग पाउडर से पूर्ण रूप से सेनेटाइज कराया जाए। 

6:-केन्द्रीय कार्यालय एवं बैंक द्वितीय शनिवार व रविवार को बन्द होने से पूर्व शुकवार (10.07. 2020)को सायंकाल कार्यालय को पूर्ण रूप से सेनेटाइज करायेगें कार्यालय के सेनेटाइजेशन के उपरांत ही कार्यालय बन्द होगा।

 7:-आवश्यक वस्तु यथा किराना एवं मिठाई की दुकाने उक्त अवधि में प्रतिदिन दोपहर 12.00 बजे से 15.00 बजे तक ही खुलेगें।

8:-बेसिक एवं माध्यमिक के स्कूल के अध्यापक भी इस दौरान विद्यालय में उपस्थिति दर्ज नहीं करायेगें। 

9:-मेडिकल स्टोर पूर्व की भांति 24 घंटे खोले जा सकते हैं। 

10:-सरकारी अस्पतालों में आकस्मिक चिकित्सा पूर्ववत् संचालित रहेगी। 

11-निजी अस्पतालों में पूर्व निर्धारित निदेशों का पालन करते हुए निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। 

12-मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में डोर-टू-डोर चलाये जा रहे स्क्रीनिंग कार्य का अनुश्रवण करते रहेंगे जनमानस से यह अपील की जाती है कि उक्त स्क्रीनिंग अभियान में पूर्ण सहयोग करें। सैम्पलिंग/कोरोना जाँच हेतु संकोच या कोताही न करें। कोरोना की जाँच आपकी जीवन की सुरक्षा हेतु आवश्यक है। 

13:-मुख्य चिकित्साधिकारी को यह भी निर्देश दिए गये कि स्कीनिंग कार्यवाही के दौरान कोरोना जांच हेतु जो भी पाजिटिव केस आते हैं उन्हे डेडिकेटेड एम्बुलेन्स से ही एल 1 हास्यिटल ले जाया जाए। किसी भी दशा में पाजिटिव केस को स्वतन्त्र न छोड़ा जाए उन्हे जल्द से जल्द निर्धारित कोविड हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाए। 

14:-आम जनता को सलाह दी जाती है कि अति आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकले एवं घर से बाहर निकलते समय मुँह को फेस मास्क अथवा अंगौछा से ढककर रखे। 

15:-आवश्यक वस्तुओं के प्रतिष्ठान जिन्हे उक्त अवधि में खोलने की छूट दी गयी है उनके दुकानदारों को निर्देशित किया जाता है कि सोशल डिस्टेंसिंग/सामाजिक दूरी का पालन करायेंगें एवं हैण्डवाश की व्यवस्था करायेंगें, बिना मास्क लगाये हुए ग्राहको सामान विक्रय नही करेंगें तथा ग्राहको का विवरण भी मो नं सहित एक रजिस्टर में नोट करेंगें। 

16:-बिना मास्क लगाये पाये जाने पर 500/रु तक जुर्माना किया जा सकता है। 

17:-फुटपाथ पर सब्जी की मण्डी नही लगेगी, थोक मण्डी पूर्व की भांति प्रातः 5 बजे से 8 बजे तक लगेगी। सब्जी, दूध की होम डिलिवरी की जा सकेगी। 

18:-निजी चिकित्सालय एवं पैथोलॉजी भी निर्धारित प्रोटोकाल का पालन करेंगें उल्लंघन किये जाने की दशा में संचालक के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। 

19:-सरकारी कर्मचारियों सहित उनके परिवार के अन्य लोग जो दूसरे जनपदों से आते जाते हैं वे इस अवधि में जनपद से बाहर यथा संभव यात्रा न करें। 

20:-समस्त जनपदवासियों को सलाह दी जाती है कि अनावश्यक रूप से दूसरे जनपदों की यात्रा न करें एवं परिवार के जो भी व्यक्ति अथवा सगे सम्बन्धी हॉट-स्पाट एरिया से आ रहें हैं उनकी सूचना कन्ट्रोल रूम को देगें। कन्ट्रोल रूम का मोबाइल नम्बर 05180223012 एवं मोबाइल नं0 -9454417883, 9454417876, 9454417863 है जिस पर कोई भी व्यक्ति शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकता है। 

21:-यदि किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी, सर्दी जुकाम के लक्षण प्रदर्शित होते हैं तो स्वयं से मेडिकल स्टोर से दवा लेकर न खायें, नजदीक के चिकित्सा स्वास्थ्य केन्द्र जाकर डाक्टर को दिखायें एवं उनके परामर्श के अनुसार ही दवा खायें।

 22:-मोटर साइकिल पर एक व्यक्ति से अधिक अनुमन्य नहीं हैं, उल्लंघन की दशा में जुर्माना लगाया जायेगा, वाहन सीज करने की कार्यवाही भी की जा सकती है। 

23:-उपरोक्त के अतिरिक्त उ0प्र0 सरकार द्वारा अनलाक-2 के सम्बन्ध में जारी शासनादेश संख्याः 1686/2020/सीएक्स-3 गृह (गोपन) अनुभाग-3 दिनांक 30 जून, 2020 के सभी आवश्यक दिशानिर्देश यथावत लागू रहेंगें। उपरोक्त आदेशों के उल्लंघन की दशा में दोषी व्यक्ति के विरूद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही की जायेगी। यह आदेश आज दिनॉक 08.07.2020 के मध्य रात्रि से लागू होगा।


(संजीव सिंह)
जिला मजिस्ट्रेट
फतेहपुर

5 जुल॰ 2020

फतेहपुर Live : हैप्पी बड्डे असगर वजाहत साहब!

फतेहपुर Live :  हैप्पी बड्डे वजाहत साहब!  टीस बस इतनी है कि फतेहपुर में कोई दूसरा असगर वजाहत क्यों नहीं पनप सका?


किसी फतेहपुर जैसे पिछड़े जनपद के वासी होकर किसी असगर वजाहत से नाम जुड़ जाना अधिकांश जनपदवासियों के लिए जाने अनजाने गर्व का कारण स्वाभाविक होता ही है,  लेकिन एक अहम सवाल पिछड़े जनपद का वासी होने के नाते हमेशा कहीं न कहीं खटकता ही है कि कोई दूसरा असगर वजाहत क्यों नहीं? आखिर साहित्यिक पुरोधाओं की लंबी फेहरिस्त के बाद आगे एक बड़ा शून्य क्यों? खैर यह चर्चा फिर कभी ..... अभी जानते हैं असगर वजाहत के रचना कर्म के बारे में, उनके जीवन संसार के बारे में.... 


असग़र वजाहत हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में मुख्यतः साठ के दशक के बाद वाली पीढ़ी के बाद के महत्त्वपूर्ण कहानीकार एवं सिद्धहस्त नाटककार के रूप में मान्य हैं। इन्होंने कहानी, नाटक, उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत, फिल्म तथा चित्रकला आदि विभिन्न क्षेत्रों में महत्त्वपूर्ण रचनात्मक योगदान किया है। 


असग़र वजाहत का जन्म 5 जुलाई 1946 को फतेहपुर, उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम॰ए॰ तक की पढ़ाई की एवं वहीं से पी-एच॰डी॰ की उपाधि भी पायी। पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से किया। 1971 से जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली के हिंदी विभाग में अध्यापन किया।



असगर वजाहत समकालीन हिंदी साहित्य के संवेदनशील गद्यकार रहे हैं। असगर वजाहत ने गद्य साहित्य की प्रायः सभी विधाओं में साहित्य रचना की है। असगर वजाहत का साहित्य शिल्प विधान की दृष्टि से अत्यंत प्रौढ़ और गुणसंपन्न रहा है। असगर वजाहत के साहित्य में गहन आत्मानुभूति और सहज सुंदर अभिव्यक्ति का सहज समन्वय दिखाई देता है। असगर वजाहत के साहित्य में वर्तमान परिवेश से लेकर इतिहास के भोगे हुए यथार्थ की प्रधानता दिखाई देती है। 


असगर वजाहत की विविध साहित्य कृतियों में भाव, भाषा, विषय और विविध युगीन स्थितियों का कलात्मकता से चित्र दिखाई देता है। शिल्प की दृष्टि से असगर वजाहत हमेशा प्रयोगशील रहे हैं। उनके साहित्य में कथा के चयन से लेकर भाषा के प्रयोग तक में प्रयोगशीलता का परिचय सहजता से देखा जा सकता है।


असग़र वजाहत उन विरले कहानीकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने पूरी तरह अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए भाषा और शिल्प के सार्थक प्रयोग किए हैं। उनकी कहानियाँ एक और आश्वस्त करती हैं कि कहानी की प्रेरणा और आधारशिला सामाजिकता ही हो सकती है तो दूसरी ओर यह भी स्थापित करती हैं कि प्रतिबद्धता के साथ नवीनता, प्रयोगधर्मिता का मेल संगत नहीं है। 'मास मीडिया' से आक्रांत इस युग में असग़र वजाहत की कहानियाँ बड़ी जिम्मेदारी से नई 'स्पेश' तलाश कर लेती हैं। राजनीति और मनोरंजन द्वारा मीडिया पर एकाधिकार स्थापित कर लेने वाले समय में असग़र की कहानियाँ अपनी विशेष भाषा और शिल्प के कारण अधिक महत्वपूर्ण हो गई हैं।


मूलतः और प्रथमतः असग़र वजाहत कहानीकार हैं। कहानी के बाद उन्होंने गद्य साहित्य की लगभग सभी विधाओं में लेखन किया और अपने लिए हमेशा नए प्रतिमान बनाए। अपने लिए जिस भी विधा को उन्होंने चुना वहाँ हमेशा पहले दर्जे की रचना संभव हुई।


असगर वजाहत की साहित्यिक यात्रा व रचना संसार को ज्यादा जानने / पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

29 जून 2020

फतेहपुर : सो न सका कल याद तुम्हारी आयी सारी रात, ........ रमानाथ की स्मृतियों का लगा है मेला

फतेहपुर : सो न सका कल याद तुम्हारी आयी सारी रात, ........ रमानाथ की स्मृतियों का लगा है मेला


गीत को अखिल भारतीय स्तर पर स्थापित करने का श्रेय जनपद के लालीपुर गांव के पं0 रमानाथ अवस्थी जी को ही है। पत्रकार, गीतकार व कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन कर चुके साहित्य के शलाका पुरुष रमानाथ अवस्थी को साहित्यकार अक्सर अलग अलग अंदाज में याद करते हैं। युगीन संदर्भों एवं स्वयं का जिया हुआ जीवन, खट्टे-मीटे अनुभवों को दार्शनिक चासनी में भिगोकर गीतों का स्वरूप देने का पर्याय हैं रमानाथ अवस्थी। 


रमानाथ अवस्थी जी एक ऐसे कवि थे जिन्हें हिन्दी काव्य मंचों पर  'गीत ऋषि' कहकर बुलाया जाता था। एक ऐसा गीतकार जिसकी  रचनाओं में जितना मिठास व सरलता थी ठीक वैसी ही मधुरता व सरलता उसके व्यक्तित्व में थी। हिन्दी कवि सम्मेलनों के मंच का एक ऐसा कवि जिसके रचना पाठ करते समय वक्त मानो ठहर सा जाया करता था। एक ऐसा कवि जो यह कहता था मेरी रचना के अर्थ बहुत हैं, जो तुम से लग जाए लगा लेना। 


रमानाथ अवस्थी उन गीतकारों में शुमार थे जिनके रचना पाठ करने के बाद संचालक के समक्ष एक यक्ष प्रश्न होता था कि अब काव्य पाठ के लिए किसे आमंत्रित करे। रात्रि के तीसरे प्रहर में  जब अवस्थी जी काव्य पाठ करते  तो श्रोता  मंत्रमुग्ध हो जाया करते थे। अवस्थी जी को रूबरू सुनना अपने आप में एक अनुभव था। उनके  गीत "सो न सका मैं याद तुम्हारी आई सारी रात और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात"  ने उन्हें लोकप्रियता के शिखर पर पहुँचा दिया। जैसे ही अवस्थी जी रचना पाठ करने आते श्रोता पहले से ही और पास ही बजी कहीं शहनाई सारी रात गुनगुना उठते। 


अवस्थी जी के समकालीन कवि और बेहद करीबी मित्र डॉ.कन्हैयालाल नंदन लिखते हैं -

"अजब रसायन के रचनाकार लगते हैं मुझे पंडित रमानाथ अवस्थी, जिसमें पाँच ग्राम निराला, सात ग्राम बाबा तुलसीदास, दो ग्राम कबीर और डेढ़ ग्राम रविदास के साथ आधा ग्राम 'ठाकुरजी' को खूब बारीक कपड़े से कपड़छान करके आधा पाव इलाचंद्र जोशी में मिलाया जाए तथा इस सबको अंदाज़ से बच्चन जी में घोलकर खूब पकाया जाए। रमानाथ जी का मानसिक रचाव कुछ ऐसे ही रसायन से हुआ है"। 


मंचों पर अवस्थी जी प्रस्तुति बेहद सम्मोहक होती थी ।  उनकी रचनाओं में सहजता उनके सृजन की एक खास विशेषता रही है।  लोक जीवन में उन्हें बलबीर सिंह रंग, गोपालदास नीरज, रामावतार त्यागी, सोम ठाकुर, किशन सरोज जैसे प्रख्यात कवियों की धारा में अपार यश एवं कीर्ति  मिली। यदि एक वाक्य में कहना हो तो कहा जा सकता है कि रामनाथ अवस्थी विराग के कवि हैं। एक ऐसे विराग के जिसमें अनुराग की पयस्विनी सतत प्रवहमान है। आधुनिक हिन्दी कविता-विशेष रूप से गीत-धारा के पाठक समाज में उनकी कविताएँ एक अद्वितीय सृष्टि के रूप में पढ़ी और पहचानी जाती हैं।

एक बार लाल किले के कवि सम्मेलन में अवस्थी जी ने  तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की उपस्थिति में एक रचना पढ़ी :

'वह जो नाव डूबनी है मैं उसी को खे रहा हूँ
तुम्हें डूबने से पहले एक भेद दे रहा हूँ
 मेरे पास कुछ नहीं है जो तुमसे मैं छिपाता
 मेरे पंख कट गए हैं वरना मैं गगन को गाता....'

कविता पाठ खत्म होने के बाद चन्द्र शेखर जी ने कहा : 'रमानाथ जी, क्या ये पंक्तियाँ आपने मेरे लिए लिखी हैं?'

यह गीत ऋषि रमानाथ अवस्थी को उनके ही एक गीत द्वारा हार्दिक श्रद्धांजलि! के साथ प्रस्तुत है



सो न सका कल याद तुम्हारी आई सारी रात
और पास ही कहीं बजी शहनाई सारी रात

मेरे बहुत चाहने पर भी नींद न मुझ तक आई
ज़हर भरी जादूगरनी-सी मुझको लगी जुन्हाई
मेरा मस्तक सहला कर बोली मुझसे पुरवाई
दूर कहीं दो आँखें भर-भर आईं सारी रात

गगन बीच रुक तनिक चन्द्रमा लगा मुझे समझाने
मनचाहा मन पा जाना है खेल नहीं दीवाने
और उसी क्षण टूटा नभ से एक नखत अनजाने
देख जिसे तबियत मेरी घबराई सारी रात

रात लगी कहने सो जाओ, देखो कोई सपना
जग ने देखा है बहुतों का रोना और तड़पना
यहाँ तुम्हारा क्या कोई भी नहीं किसी का अपना
समझ अकेला मौत तुझे ललचाई सारी रात

मुझे सुलाने की कोशिश में, जागे अनगिन तारे
लेकिन बाज़ी जीत गया मैं वे सब के सब हारे
जाते-जाते चाँद कह गया मुझसे बड़े सकारे
एक कली मुरझाने को मुस्काई सारी रात


बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे पं. रमानाथ
जनपद की माटी से ताल्लुक रखने वाले देश के वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार व समाचार संपादक पं. रमानाथ अवस्थी का जन्म भिटौरा ब्लाक के लालीपुर गांव में आठ नवंबर 1924 को हुआ था। उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया। एक दर्जन से अधिक पुरस्कार व सम्मानों के साथ लगभग दो दर्जन से अधिक प्रकाशित कृतियां आज भी साहित्य जगत का मार्गदर्शन कर रही हैं। छायावादोत्तर गीतकारों में अग्रगण्य रमानाथ जी आशुकवि जगमोहननाथ अवस्थी के पुत्र थे। 


रमानाथ अवस्थी
●  जन्म 8 नवम्बर 1924
●  निधन 29 जून 2002
●  उपनाम रसखान
●  जन्म स्थान फतेहपुर, उत्तर प्रदेश
●  कुछ प्रमुख कृतियाँ

●  जीवन परिचय
रमानाथ अवस्थी का जन्म फतेहपुर, उत्तरप्रदेश , 1924 में हुआ। इन्होंने आकाशवाणी में प्रोडयूसर के रूप में वर्षों काम किया। ‘सुमन- सौरभ, ‘आग और पराग, ‘राख और शहनाई तथा ‘बंद न करना द्वार’ इनकी मुख्य काव्य-कृतियां हैं। ये लोकप्रिय और मधुर गीतकार हैं। इन्हें उत्तरप्रदेश सरकार ने पुरस्कृत किया है। 29 जून 2002 को उनका निधन हो गया।

इन्होंने इलाहाबाद के दैनिक भारत और 'संगम' का सम्पादन किया, फिर आकाशवाणी दिल्ली से जुड़ गये और वहाँ विविध भारती, युववाणी के रूपक प्रस्तुतकर्ता तथा चीफ प्रोड्यूसर रूप में 35 वर्षों तक कार्य किया अवस्थी जी ने शताधिक रूपकों की रचना की है। इनके तीन गीत संग्रह बहुचर्चित रहे हैं-आग और पराग, रात और शहनाई तथा बन्द न करें द्वार। दिल्ली में ही इनका निधन हुआ।


कविताकोश पर आपकी उनकी रचनाओं को और अधिक विस्तार से देख व पढ़ सकते हैं। 


●  प्रकाशन और सम्मान : आग और राग, रात और शहनाई, बन्द न करना द्वार, आकाश सबका है तथा आखिर यह मौसम भी आया (सभी काव्य संकलन), याद आतें हैं (संस्मरण) आधुनिक हिन्दी साहित्य के शीर्षस्थ संगीतकारों में प्रख्यात हिन्दी अकादमी, दिल्ली ने 1980 में साहित्य क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया। 1990 में नागरिक परिषद दिल्ली द्वारा सम्मानित।

1994 में लंदन, मैनचेस्टर, एवं नेपाल में काव्य पाठ के लिए आमंत्रित। इसके अलावा वियतनाम की यात्रा भी की।

1980 में गालिब अकादमी दिल्ली ने सर्वश्रेष्ठ गीतकार का सम्मान

दिया। 1992 में हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग ने 'साहित्य महामहोपाध्याय' की उपाधि प्रदान की। भारतीय आत्मा स्मारक समिति, कानपुर ने 1972 में गोमती वृन्दावन सम्मान प्रदान किया।

1993 में महाराष्ट्र में परिवार साहित्य सम्मान' से अलंकृत।

1990 में भारत भवन, भोपाल तथा बीबीसी लंदन से विशेष काव्य
पाठ।

7 मई 2020

फतेहपुर Live : वरिष्ठ फतेहपुरी शायर जफर इकबाल को उर्दू साहित्य में साहित्यिक योगदान के लिए मिला एक लाख का साहित्य पुरस्कार

फतेहपुर Live : वरिष्ठ फतेहपुरी शायर जफर इकबाल को उर्दू साहित्य में साहित्यिक योगदान के लिए मिला एक लाख का साहित्य पुरस्कार



उर्दू गजल के क्षेत्र में में महत्वपूर्ण मकाम रखने वाले फतेहपुरी उस्ताद शायर जफर इकबाल जफर को उत्तर प्रदेश उर्दू एकेडमी की ओर से मजमुई अदबी खिदमात बराए उर्दू गजल यानी संपूर्ण साहित्यिक सेवा के लिए एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया है। 


                        शायर जफर इकबाल जफर


मालूम हो कि उनके नाम की घोषणा माह सितंबर 2019 को  पहले शासन द्वारा की गई थी। कोविड कोरोना के चलते बदली स्थितियों में गुरुवार को उनके बैंक खाते में नकद धनराशि के साथ डाक द्वारा प्रशस्ति-पत्र भी  भेजा गया है। 


हाल ही में उनका नया गजल संग्रह नुमूदे सब्ज प्रकाशित हो चुका है। यह सूचना उत्तर प्रदेश उर्दू अकैडमी की ओर से जारी विगत में दी गई है। इस उपलब्धि के लिए हिंदी एवं उर्दू के रचनाकारों एवं शुभचिन्तकों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

5 मई 2020

फतेहपुर Live : जनपद की समस्त देशी व विदेशी मदिरा, बियर, मॉडल शॉप व भांग की थोक व फुटकर बिक्री दुकानों को प्रतिबंधों के साथ खोले जाने का आदेश जारी

फतेहपुर Live : जनपद की समस्त देशी व विदेशी मदिरा, बियर, मॉडल शॉप व भांग की थोक व फुटकर बिक्री दुकानों को प्रतिबंधों के साथ खोले जाने का आदेश जारी। 



7 अप्रैल 2020

Fatehpur Live : नगरपालिका व नगर पंचायतों के अंतर्गत सफाई व्यवस्था व सैनेटाइजेशन कार्य के पर्यवेक्षण हेतु तिथिवार ड्यूटी जारी

Fatehpur Live :  नगरपालिका व नगर पंचायतों के अंतर्गत सफाई व्यवस्था व सैनेटाइजेशन कार्य के पर्यवेक्षण हेतु तिथिवार ड्यूटी जारी। 

30 मार्च 2020

Fatehpur Live : कोरोना के चलते लॉकडाउन अवधि में आवश्यक खाद्य सामग्री, फल व सब्जी के दाम निर्धारण की सूची जारी

Fatehpur Live : कोरोना के चलते लॉकडाउन अवधि में आवश्यक खाद्य सामग्री, फल व सब्जी के दाम निर्धारण की सूची जारी। 

26 मार्च 2020

Fatehpur Live : कोरोना लॉकडाउन के चलते डोरस्टेप होमडिलीवरी हेतु नामित व्यक्ति का नाम और नम्बर देखें

Fatehpur Live : कोरोना लॉकडाउन के चलते डोरस्टेप होमडिलीवरी हेतु नामित व्यक्ति का नाम और नम्बर देखें। 


फतेहपुर। अब नगर पालिका लॉकडाउन के दौरान शहरवासियों को जरूरत के सामान की आपूर्ति कराएगी। इसके लिए नगर पालिका में कंट्रोलरूम बनाया गया है। वह 24 घंटे चालू रहेगा। जरूरत के सामान की आपूर्ति के लिए कोई भी 7497960105 मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सकता है।

शहर में लॉकडाउन के दौरान जरूरत के सामान की आपूर्ति के लिए नगर पालिका को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल, घी, दवाओं आदि की जरूरत पड़ने पर कोई भी शहरवासी नगर पालिका के कंट्रोलरूम से संपर्क कर सकता है। नगर पालिका की हर वार्ड में गठित निगरानी कमेटी के सदस्य अधिकृत दुकान से सामान लेकर संबंधित उपभोक्ता के घर पहुंचाएंगे। 

बीमारी आदि की सूचना पर प्रशासन और संबंधित व्यक्ति के बीच कड़ी की भूमिका निभाते हुए एंबुलेंस या वाहन पास उपलब्ध कराने का भी जिम्मा कंट्रोल रूम पर निर्भर होगा। ईओ नगर पालिका मीरा सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रहेगा। इसके लिए तीन शिफ्टों में चार-चार कर्मचारी लगाए गए हैं।